India Open मिसमैनेजमेंट के साये में: दुनिया भर में भारत की इमेज पर सवाल

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India Open मिसमैनेजमेंट के साये में

कभी विश्वस्तरीय खेल संगठन की तारीफ, कभी कुप्रबंधन की शर्मनाक तस्वीरें—भारत के अंतरराष्ट्रीय खेल संगठन की कहानी इन दो विपरीत सच्चाइयों के बीच खड़ी है। इस बार India Open सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट विवादों के केंद्र में है। खेल की गुणवत्ता से ज्यादा संगठन की नाकामी चर्चा में है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली के केडी यादव इंडोर स्टेडियम में हुए इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे किसी भी खेल प्रेमी को निराश करने वाले हैं। मैच के दौरान कोर्ट पर पक्षियों की बीट, स्टेडियम में खुलेआम घूमते बंदर, गंदे शौचालय, टूटी कुर्सियां, अभ्यास की अपर्याप्त सुविधाएं—के कारण खेल रोक दिया गया था, जो कि वर्ल्ड टूर सुपर 750 टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।

पक्षियों की बीट के कारण मैच रुका, विश्व मंच पर भारत शर्मिंदा

टूर्नामेंट की सबसे शर्मनाक घटना गुरुवार, 15 जनवरी को हुई। प्रणॉय और सिंगापुर के लोह किएन यू के बीच मेन्स सिंगल्स मैच के दौरान अचानक कोर्ट पर चिड़ियों की बीट गिर गई। अंपायरों को मैच तब रोकना पड़ा जब प्रणॉय पहले गेम में 16-4 से आगे थे। इससे भी ज़्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि यही घटना डिसाइडिंग गेम की शुरुआत में भी हुई।

माना जा रहा है कि यह घटना स्टेडियम की छत या आस-पास के एरिया से चिड़ियों की बीट गिरने की वजह से हुई। इंटरनेशनल टूर्नामेंट में ऐसी घटनाएं न सिर्फ प्लेयर्स का ध्यान भटकाती हैं बल्कि ऑर्गनाइज़र्स की तैयारियों पर भी बड़े सवाल खड़े करती हैं।

स्टैंड में बंदर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

चिड़िया की घटना अभी ताज़ा ही है कि एक और वीडियो वायरल हो गया है। बुधवार को मैच के दौरान स्टेडियम में एक बंदर देखा गया। दर्शकों में दहशत फैल गई और फुटेज तेज़ी से सोशल मीडिया पर फैल गई। इस तस्वीर ने विदेशी दर्शकों और प्लेयर्स की नज़र में इंडियन स्पोर्ट्स होस्टिंग की साख को नुकसान पहुंचाया है।

इंडिया ओपन में इंटरनेशनल खिलाड़ियों का गुस्सा
इंडिया ओपन में इंटरनेशनल खिलाड़ियों का गुस्सा

इंटरनेशनल प्लेयर्स ने गुस्सा जताया

डेनमार्क की बैडमिंटन स्टार मिया ब्लिचफेल्ड्ट ने केडी यादव इंडोर स्टेडियम के हालात पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इंडिया में पिछले कुछ दिन बहुत मुश्किल रहे हैं। मैंने खुद को मेंटली सबसे बुरे के लिए तैयार किया था, लेकिन असलियत मेरी उम्मीद से भी ज़्यादा खराब है।”

उन्होंने यह भी लिखा, “यह सिचुएशन पूरी तरह से मंज़ूर नहीं है और बहुत अनप्रोफेशनल है। प्लेयर्स यहां परफॉर्म करने आते हैं, लेकिन ऐसे हालात में गेम पर फोकस करना लगभग नामुमकिन है।”

उनके मुताबिक, वर्ल्ड टूर सुपर 750 जैसे बड़े टूर्नामेंट में इस तरह का मिसमैनेजमेंट प्लेयर्स के लिए सही नहीं है और इससे फ्यूचर में हिस्सा लेने में उनकी दिलचस्पी कम हो सकती है।

एंटोसेन के हटने से विवाद और बढ़ गया

इसी माहौल में वर्ल्ड नंबर तीन शटलर एंडर्स एंटोनसेन ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। दिल्ली के पॉल्यूशन, ठंडे मौसम और प्लेयर्स के हेल्थ रिस्क का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय दिल्ली में ऐसा टूर्नामेंट कराना ठीक नहीं है। हालांकि उन पर रूल्स के हिसाब से $5,000 का फाइन लगाया गया, लेकिन उनके इस फैसले से नया विवाद खड़ा हो गया है।

BWF और ऑर्गनाइज़र की सफाई

इस विवाद के बाद, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) और बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (BAI) ने बयान जारी किए। BWF ने कहा कि इस हफ़्ते कोहरा, ठंड, हवा की क्वालिटी और तापमान में बदलाव ने बड़ी चुनौतियाँ खड़ी की हैं।

BWF के सेक्रेटरी जनरल संजय मिश्रा ने कहा, “यह टूर्नामेंट आने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हमारे लिए एक टेस्ट इवेंट है। यह पहली बार है जब इस जगह पर इतना बड़ा टूर्नामेंट हो रहा है।” उन्होंने दावा किया कि खेलने के कोर्ट और लकड़ी के फ़र्श इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हैं और रहने या ट्रांसपोर्ट को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं है।

चिड़ियों की बीट के बारे में उन्होंने कहा, “कबूतर उड़ रहे थे, हम इसे पूरी तरह से कंट्रोल नहीं कर सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि ठंड से निपटने के लिए हीटर लगाए गए हैं।

बड़ा सवाल: क्या हम सच में तैयार हैं?

लेकिन असलियत यह है कि इंडिया ओपन सुपर 750 ने एक बार फिर दिखा दिया है कि बड़े नाम या बड़े टूर्नामेंट काफ़ी नहीं हैं। वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, सफ़ाई, सिक्योरिटी और प्रोफेशनल मैनेजमेंट के बिना वर्ल्ड चैंपियनशिप या ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट को होस्ट करना मुमकिन नहीं है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसी घटनाओं से भारत की स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी इमेज को नुकसान होता है। भविष्य में वर्ल्ड चैंपियनशिप भी इसी जगह पर होनी है, अगर भारत इस टूर्नामेंट से सीख नहीं लेता और जल्दी और साफ सुधार नहीं करता है, तो उसे भविष्य में और भी शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।

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