उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड: कोहरे से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, पहाड़ों में बर्फबारी की चेतावनी

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उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप

उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। सुबह-सुबह पूरा इलाका कोहरे की मोटी चादर से ढका रहता है, सड़कें लगभग सुनसान रहती हैं और हाड़ कंपा देने वाली ठंड आम ज़िंदगी पर असर डाल रही है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह स्थिति 10 जनवरी तक बनी रह सकती है। ठंड, कोहरा और कम तापमान का मेल आम आदमी के रोज़ाना के कामों पर बड़ा असर डाल रहा है।

सर्दियों के साथ दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा

राजधानी दिल्ली में सर्दी के तीखेपन के साथ ही एयर पॉल्यूशन की स्थिति और चिंताजनक हो गई है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने बताया कि दिल्ली में मैक्सिमम टेम्परेचर 17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो नॉर्मल से करीब 2 डिग्री कम है। मिनिमम टेम्परेचर गिरकर 7.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। शाम 5:30 बजे रिलेटिव ह्यूमिडिटी 73 परसेंट थी, जिसकी वजह से कोहरा और घना होता जा रहा है।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, रविवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 266 था, जो ‘खराब’ कैटेगरी में आता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठंडे मौसम और शांत हवा की वजह से पॉल्यूशन जमा हो रहा है, जिससे सांस की दिक्कतों और दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ रहा है।

राजस्थान में इस सीजन का सबसे ठंडा मौसम रहा

राजस्थान उत्तरी राज्य है जो कोल्ड वेव से सबसे ज़्यादा प्रभावित है। सीकर जिले के फतेहपुर में मिनिमम टेम्परेचर गिरकर सिर्फ़ 1.1 डिग्री सेल्सियस रह गया, जो इस सर्दी में सबसे कम टेम्परेचर में से एक है। मौसम विभाग के मुताबिक, सिरोही, पाली और चूरू में मिनिमम टेम्परेचर 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बनस्थली में 4 डिग्री, लूणकरणसर में 2.8 डिग्री और सीकर में 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मध्यम से घने कोहरे के कारण राज्य के कई हिस्सों में विज़िबिलिटी कम हो गई है, जिससे सड़क हादसों और ट्रैफिक में रुकावट का खतरा बढ़ गया है।

कोहरे ने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ठप कर दिया

पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा देखा गया है। जम्मू, पंजाब और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बहुत घने कोहरे के कारण विज़िबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। घने कोहरे की वजह से पंजाब, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विज़िबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही।

इस वजह से सड़क, रेल और हवाई सेवाओं में देरी हुई है। कई जगहों पर ट्रेन और बस सेवाओं पर असर पड़ा है, और हाईवे पर गाड़ियों की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।

घने कोहरे में दृश्यता
घने कोहरे में दृश्यता

हर दिन मौसम की तस्वीर

मौसम विभाग के मुताबिक, 5 जनवरी को छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए कोहरे की चेतावनी वापस ले ली गई थी। हालांकि, 6 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा में घना कोहरा छाया रहा। 7 जनवरी को सिर्फ़ पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा देखा गया। फिर 8 और 9 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में घने कोहरे का असर बना रहा।

पहाड़ों में बर्फबारी की चेतावनी

हिमालय से सटे इलाकों में भी सर्दी का मौसम अपने पीक पर है। कश्मीर घाटी में तापमान पहले ही ज़ीरो से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

वहीं, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश या बर्फबारी की संभावना है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है और टूरिज्म और लोकल ट्रैवल पर असर पड़ सकता है।

आने वाले दिनों का अनुमान

IMD ने कहा है कि नॉर्थ इंडिया में अभी कुछ और दिन घने कोहरे, कोल्ड वेव और कम टेम्परेचर की स्थिति बनी रहेगी। अगले तीन दिनों में सेंट्रल और ईस्ट इंडिया में मिनिमम टेम्परेचर में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की और कमी आ सकती है। उसके बाद अगले चार दिनों में टेम्परेचर में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। गुजरात में मिनिमम टेम्परेचर अगले पांच दिनों में थोड़ा बढ़ सकता है। देश के दूसरे हिस्सों में टेम्परेचर काफी हद तक स्थिर रहेगा।

सावधानी की सलाह

एक्सपर्ट्स बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। कोहरे के दौरान गैर-जरूरी ट्रैवल से बचने, गर्म कपड़े पहनने और गाड़ी चलाते समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, नॉर्थ इंडिया में इस कोल्ड वेव ने मौजूदा सीजन के सबसे मुश्किल हालातों में से एक बना दिया है। अब फोकस मौसम की चाल पर होगा – यह ठंडी लहर कितने समय तक चलती है।

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